Breast Self Examination in HINDI – स्वयं स्तन परिक्षण

स्तन कैंसर (Breast Cancer) में अच्छे उपचार के लिए स्तन कैंसर की प्रारंभिक चरण में पहचान (Early detection) महत्वपूर्ण है। यदि आप नियमित रूप से अपने स्तन की जांच करती हैं तो आप सही समय पर स्तन में होने वाले किसी भी बदलाव का पता लगा सकती हैं। स्वयं स्तन परिक्षण (Breast Self Exam), महीने में एक बार मासिक के 1 सप्ताह के अन्दर या जिन्हें मासिक नहीं आता हैं उनके द्वारा महीने में किसी दिन किया जाना चाहिए । स्वयं स्तन परिक्षण (Breast Self Examination) में बहुत कम समय लगता है, कुछ भी खर्च नहीं होता है, इसे आप अपने घर में कर सकती हैं और इससे आपको यह जानने में मदद मिलती है कि आपके स्तन सामान्य रूप से कैसे दिखते और महसूस करते हैं। यदि स्वयं स्तन परिक्षण (BSE) के दौरान आपको स्तनों में कोई परिवर्तन मिलता हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें (Consult your Doctor)।

स्वयं स्तन परिक्षण, नियमित स्तन परीक्षाओं के लिए या स्क्रीनिंग मैमोग्राम का विकल्प नहीं हैं, लेकिन स्तन कैंसर जागरूकता (Breast Cancer Awareness) के लिए बहुत महतवपूर्ण हैं, सभी महिलाओं को हर महीने यह परिक्षण करना चाहिए ।

स्पर्श (Touch)


अपनी तीन मध्य उंगलियों के पैड का उपयोग करें। अपने पूरे स्तन क्षेत्र की जांच करने के लिए दबाव की अलग-अलग डिग्री के साथ 25 पैसे जितने गोलाकार दिशा में घुमाते हुए, और अन्य दिशा में (जैसा की नीचे तस्वीरो में दिखाया गया हैं) अपने बगल में शुरू करें और धीरे धीरे पूरे स्तन की जाँच करें, ऐसा ही दूसरे स्तन के साथ भी करें ।

परिक्षण परिधि (Exam Perimeter)

अपनी अंगुलियों को अपने पूरे स्तन क्षेत्र (Breast Area) के ऊपर और नीचे की ओर ले जाएँ, कॉलरबोन से स्तन के नीचे और बगल से, आपकी स्तन की हड्डी से आपकी बगल तक। ठीक ऐसे ही दूसरे स्तन की जाँच करें।

1. दर्पण के सामने खड़े हो जायें (Stand in front of mirror)

दोनों हाथो को अपने शरीर के साथ नीचे की तरफ रखे, और जाँच करें कि स्तन के आकार या निपल्स का रंग और बनावट, त्वचा और आपके निपल्स बिंदु की दिशा में कोई परिवर्तन तो नहीं हैं ।

फिर दोनों हाथो को सर के ऊपर रखे और जाँच करें कि स्तन के आकार या निपल्स का रंग और बनावट, त्वचा और आपके निपल्स बिंदु की दिशा में कोई परिवर्तन तो नहीं हैं ।

फिर हाथों को कूल्हों पर रखे और छाती की मांसपेशियों को कसे। अब देखे की स्तन पर कोई खड्डा, झुर्रिया, लालिमा, पपड़ी, गांठ या आकृति या त्वचा के रंग में परिवर्तन तो नहीं हैं ।

फिर डिस्चार्ज  (Discharge) (पानी जैसा कुछ निकलना) की जांच के लिए अंगूठे और तर्जनी के बीच दोनों निपल्स को निचोड़ें, देखे की कोई डिस्चार्ज (Discharge) तो नहीं हो रहा हैं ।

सुबह उठने के बाद ध्यान दें की कपड़ो पर निप्पल  (Nipples) से कोई भूरे, लाल या पीले रंग का डिस्चार्ज तो नहीं हो रहा हैं। निप्पल डिस्चार्ज सामान्य नहीं (Not Normal) होता है।

2. शॉवर में या नहाते हुए (Shower)

नहाते समय जब आपकी त्वचा गीली और साबुन लगा होता हैं इसलिए इस समय स्वयं स्तन परिक्षण आसानी से किया जा सकता है।

शॉवर में, अपने दाहिने हाथ को अपने सिर के ऊपर उठाएं। परिक्षण परिधि में जैसा बताया हैं वैसे ही "स्पर्श तकनीक" (Touch) का उपयोग करके अपने पूरे स्तन क्षेत्र की जांच दोनों स्तनों में करें ।

3. पीठ के बल सीधे लेटकर (Lying down)

पीठ के बल सीधे लेट जाये इससे स्तन को समतल करने में मदद मिलती है, और जाँच करना आसान हो जाता हैं।

दाहिने कंधे के नीचे एक तकिया रखें। बाएँ हाथ से दायीं बगल से शुरू करें और 25 पैसे (25 Paisa Coin) जितने गोलाकार घुमा कर और अन्य तरह से (जैसा की ऊपर तस्वीरो में दर्शाया गया हैं) जाँच की श्रंखला बनाएं। हल्के, मध्यम और गहरे दबाव का उपयोग करें। परिक्षण परिधि पैटर्न के बारे में सोचें । जाँच से अपने पूरे स्तन क्षेत्र को कवर करें। दुसरे स्तन में जाँच को दोहराएं ।

यदि आपको अपने स्तनों में कोई असामान्यता जैसे गांठ, दर्द, रंग में परिवर्तन, डिस्चार्ज, निप्पल में या कोई और किसी भी प्रकार का परिवर्तन दिखाई या महसूस हो  तो आप अपने चिकित्सक से तुरंत परामर्श करें । अधिकांश स्तन गांठ या बदलाव कैंसर नहीं होते हैं लेकिन आपके चिकित्सक (डॉक्टर) को स्वयं स्तन परिक्षण के दौरान आपके द्वारा देखे जाने वाले परिवर्तनों का मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण है।

हर महीने स्वयं स्तन परिक्षण करके महिलाएं स्तन से सम्बंधित बीमारियों का जल्दी पता लगा सकती हैं, स्वयं स्तन परिक्षण को अपने रूटीन में शामिल करें और कृपया इस जानकारी को अन्य महिलाओं के साथ साँझा करें ।